भारतीय संविधान में शासन चलाने से सम्बन्धित कुछ निर्देशक सिद्धांतों का भी उल्लेख है. इन्हें Directive Principles of State Policy कहते हैं. इन सिद्धांतों में से एक सिद्धांत यह है कि भारत की सरकार देश में ग्राम स्वशासन के दिशा में कार्रवाई करे. इस निर्देश के अनुपालन के लिए 1992 में संविधान में 73वाँ संशोधन किया गया. इस संशोधन के द्वारा देश में पंचायती राज की व्यवस्था लागू की गई. यह व्यवस्था त्रि-स्तरीय है- ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद्. पंचायती राज (Panchayati Raj) व्यवस्था लागू करने करने के लिए राज्यों अपने नियम एवं विनियम बनाने का अधिकार है. फलस्वरूप अलग-अलग राज्यों में पद के आरक्षण, कार्यकलाप आदि के प्रावधानों में विविधता देखी जा सकती है. यहाँ हम जिन प्रावधानों का उल्लेख करेंगे वे एक model के तौर पर है. बलवंतराय मेहता समिति भारत में “पंचायती राज” की स्थापना के उद्देश्य से ही भारत सरकार ने बलवंतराय मेहता की अध्यक्षता में एक समिति की नियुक्ति की थी. इस समिति ने भारतीय लोकतंत्र की सफलता के लिए लोकतंत्र की इमारत को मजबूत करने की आवश्यकता पर...