सामाजिक शोध के अर्थ को समझने के पूर्व हमें शोध के अर्थ को समझना आवश्यक है। मनुष्य स्वभावत: एक जिज्ञाशील प्राणी है। अपनी जिज्ञाशील प्रकृति के कारण वह समाज वह प्रकृति में घट...
चिन्तन एक मानसिक प्रक्रिया है और ज्ञानात्मक व्यवहार का जटिल रूप है। यह शिक्षण, स्मरण, कल्पना आदि मानसिक क्षमताओं से जुड़ा रहता है। प्राय: सभी प्राणियों में सोचने समझने एव...
1. समाजशास्त्र का जन्म से पूर्व क्या नाम था? – सामाजिक भौतिकी 2. समाजशास्त्र का जन्म कब माना जाता है? – 1838 ई. में 3. ‘समाज ही वास्तविक देवता है’ किसने कहा है? – इमाइल दुर्खीम 4. ‘एक माँ अ...
B.A ke subject ke nots
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